स्खलन कैसा महसूस होता है?
स्खलन पुरुष संभोग सुख की शारीरिक अभिव्यक्ति है। यह अनुभूति हर व्यक्ति में अलग-अलग होती है, लेकिन आमतौर पर आनंद और मुक्ति की तीव्र अनुभूति के साथ होती है। निम्नलिखित स्खलन की भावना का एक विस्तृत विश्लेषण है, जिसमें शारीरिक तंत्र और व्यक्तिपरक अनुभव विवरण शामिल हैं।
1. शारीरिक तंत्र और चरण विभाजन

| मंच | शारीरिक परिवर्तन | व्यक्तिपरक भावना |
|---|---|---|
| उत्साह अवधि | लिंग खड़ा हो जाता है, हृदय गति बढ़ जाती है | तनाव, प्रत्याशा |
| पठार | वीर्य मूत्रमार्ग में जमा हो जाता है | सुख इकट्ठा होता जाता है |
| चरमोत्कर्ष काल | पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं और वीर्य स्खलित हो जाता है | मुक्ति की प्रबल भावना, संक्षिप्त भ्रम |
| प्रतिगमन अवधि | शरीर धीरे-धीरे शिथिल हो जाता है | संतुष्टि या थकावट की भावना |
2. व्यक्तिपरक अनुभव का विवरण
1.सुख का संचय: स्खलन से पहले, यौन उत्तेजना के साथ आनंद बढ़ता रहेगा, "चरम पर पहुंचने के करीब" के तनाव के समान।
2.विस्फोटक रिहाई: चरमोत्कर्ष के समय, मांसपेशियों में संकुचन (लगभग 0.8 सेकंड/समय) तीव्र आनंद उत्पन्न करता है, जो आमतौर पर 3-10 सेकंड तक रहता है।
3.व्यक्तिगत मतभेद: लगभग 68% पुरुषों ने इसे "गर्म विद्युत प्रवाह की अनुभूति" के रूप में वर्णित किया, 25% ने "पूरे शरीर कांपना" पर जोर दिया, और बाकी को स्थानीय सुस्त दर्द (जैसे अति-उत्तेजना) हो सकता है।
3. प्रभावित करने वाले कारकों की तुलना
| कारक | भावनाओं पर प्रभाव | विशिष्ट प्रदर्शन |
|---|---|---|
| मानसिक स्थिति | आनंद की तीव्रता का 30-50% निर्धारित करता है | आराम की स्थिति में तीव्रता अधिक होती है |
| संयम का समय | 3 दिनों से अधिक समय तक संचय करने से विस्फोटक शक्ति बढ़ सकती है | वीर्य की मात्रा 20-40% बढ़ गई |
| उम्र | 20 से 30 साल की उम्र में ऑर्गेज्म की चरम तीव्रता | 40 वर्ष की आयु के बाद संकुचन की संख्या 1-2 गुना कम हो जाती है |
4. प्रासंगिक स्वास्थ्य डेटा
| सूचक | सामान्य सीमा | अपवाद संकेत |
|---|---|---|
| स्खलन आवृत्ति | 2-7 बार/सप्ताह (व्यक्तिगत अंतर) | प्रति सप्ताह 10 से अधिक बार लेने से थकान हो सकती है |
| वीर्य की मात्रा | 1.5-5ml/समय | <1ml को वास डिफेरेंस की जांच करने की आवश्यकता है |
| चरमोत्कर्ष अवधि | 3-15 सेकंड | न्यूरोपैथी की जांच के लिए 30 सेकंड |
5. सांस्कृतिक दृष्टिकोण में अंतर
1.प्राच्य वर्णन: इसकी तुलना अक्सर ऊर्जा की भावना पर जोर देते हुए "डेंटियन में हीटिंग" और "सार की रिहाई" से की जाती है।
2.पश्चिमी अध्ययन: मात्रात्मक विश्लेषण से पता चलता है कि स्खलन के दौरान मस्तिष्क के नाभिक संचय में डोपामाइन की सांद्रता 300% बढ़ जाती है।
3.आधुनिक विज्ञान: एफएमआरआई स्कैन इस बात की पुष्टि करता है कि संभोग सुख के दौरान मस्तिष्क का दर्द केंद्र अस्थायी रूप से बंद हो जाता है, जो इसकी "निःस्वार्थ" प्रकृति को समझाता है।
सारांश: स्खलन की अनुभूति तंत्रिकाओं, मांसपेशियों और मनोविज्ञान के सहक्रियात्मक प्रभाव का परिणाम है। इसमें सार्वभौमिक शारीरिक नियम और महत्वपूर्ण व्यक्तिगत अंतर दोनों हैं। यह अनुशंसा की जाती है कि आप अपने सामान्य प्रतिक्रिया पैटर्न पर ध्यान दें और कोई असामान्यता होने पर तुरंत चिकित्सा उपचार लें।
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